
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम परीक्षा के साथ-साथ जीवन के लिए भी उपयोगी रहा, ,,आनंद कुमार जैन,,
खंडवा। परीक्षा पर चर्चा के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने परीक्षा के पूर्व छात्रों से परीक्षा विषय को लेकर चर्चा की प्रधानमंत्री श्री मोदी के संबोधन के मुख्य पांच बिंदुओ में जीवन में खेल होने से जीवन खिल जाता है,ए. आई. का उपयोग करें गुलाम नहीं बने, प्रेरणा और अनुशासन दोनों आवश्यक हैं,
लीडर बनने के पहले निडर बने,पढ़ने के साथ-साथ लिखना भी आवश्यक है।समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी की परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम न केवल परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी है ।जीवन की दृष्टि से भी उपयोगी है। परीक्षा में चर्चा कार्यक्रम न केवल परीक्षा में सफलता हेतु सहायक है। साथ ही जीवन में सफलता हेतु भी सहायक है। शिक्षक शिक्षविद में एवं साहित्यकार आनंद कुमार जैन ने विभिन्न कक्षा के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोतीलाल नेहरू विद्यालय में कहा की वर्ष 2026 परीक्षा पर चर्चा का नोवा संस्करण रहा। परीक्षा पर चर्चा का दूसरा भाग 9 फरवरी सोमवार को सुबह 10:00 बजे से आकाशवाणी दूरदर्शन एवं अन्य माध्यमों से प्रसारित किया गया। यह कार्यक्रम कोयंबटूर, रायपुर, गुजरात, असम में गुवाहाटी अंतर्गत ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज की तीसरी मंजिल पर माननीय प्रधानमंत्री जी के विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए प्रसारित किया गया। माननीय प्रधानमंत्री जी ने इस कार्यक्रम को सीखने का एक साधन माना ।प्रधानमंत्री जी ने कहा विद्यार्थियों के विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से मुझे भी कुछ सीखने को मिला। विद्यार्थी समुदाय ने परीक्षा से संबंधित ही नहीं, जीवन से संबंधित भी अनेक प्रश्न पूछे, जिनके प्रधानमंत्री जी ने सरल सहज एवं वैज्ञानिक उत्तर दिए।
आपने एक प्रश्न का उत्तर कुछ इस तरह दिया। जिंदगी को खेल होने से बचाना है। परंतु जिंदगी में खेल होना चाहिए। जिंदगी में खेल होने से जिंदगी खिल जाती है। जीवन में इंस्पिरेशन जरूरी है अथवा अनुशासन इसके उत्तर में माननीय मोदी जी ने कहा जीवन में अनुशासन ज्यादा आवश्यक है। बिना अनुशासन के प्रेरणा कार्यकारी सिद्ध नहीं होती है। बिना अनुशासन के प्रेरणा बोझ बन जाती है। आपने बात को स्पष्ट करने के लिए एक किसान एवं खेती का उदाहरण प्रस्तुत किया। सभी के जीवन में मां एवं टीचर का महत्वपूर्ण स्थान होता है।
व्यक्ति की सफलता में दोनों महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। स्वास्थ्य विषयक प्रश्न के उत्तर में माननीय मोदी जी ने कहा अधिकांश व्यक्ति भोजन पानी से पेट को भर लेते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को गहरी सांस लेकर हवा से भी अपने फेफड़ों को भरना चाहिए। कुछ समय तक गहरी सांस लेकर उसे रोकना चाहिए। आपने एक प्रश्न के उत्तर में कहा लीडर बनने से पहले निडर बनना आवश्यक है। छोटे-छोटे कार्यों में आप पहल करके लीडर बने।












